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रोज़ेदार की फ़ज़ीलत
नबी ऐ करीम ﷺ का इरशाद है के
रोज़ेदार का सोना भी इबादत है,
इसकी खामोशी तस्बीह है,
इसके अमल का सवाब दुगना है,
इसकी दुआ क़ुबूल की जाती है,
और इसके गुनाह बख्स दिये जाते है.
📚...हदीस नक़ल...✍🏻इमाम बैहक़ी رحمة الله عليه ने शोबुल ईमान में हज़रत अब्दुल्लाह बिन औफि رضي الله ﺗﻌﺎﻟﯽٰ عنه से रिवायत किया है...
(कंज़ुल उम्माल, ज़िल्द 4, सफ़हा 599, हदीस 23562)


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