1] पंच वक्त कि नमाजो मे यह नियत करे👉 नियत कि मैने 2 रकात फज़र कि फर्ज वासते अल्लाह तआ़ला के रुख मेरा काबा शरीफ के तरफ
इसि तरह नमाज के नाम बदले
2]नमाज ईदुल अज़्हा
नियत : नियत की मैंने दो रकाअत नमाज ईदुल अज़्हा वाजिब जाईद छः तकबीरो के वास्ते अल्लाह के, पीछे इस ईमाम के, मुॅह मेरा काबा शरीफ की तरफ
तकबीर اللہ اکبر कहते हुए दोंनो हाथ कानो तक उठाकर हाथो को जेरे नाफ बांध कर सना पढे।
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